व्यवहार (behaviours) हमारे या अन्य किसी व्यक्ती द्वारा की जाने वाली क्रियाएं अथवा प्रतिक्रियाएँ होते हैं। जब कुछ हमारी तरफ आता है तो हमारे शारीर में कुछ क्रियाये एवं प्रतिक्रियाये होने लगाती है जैसे -पलकें सामान्य प्रतिवर्त क्रिया में खुलती एवं बंद होने लगती हैं या शारीर में अन्य मांशपेशिय क्रियाये होने लगाती है । परीक्षा के दौरान या अन्य तनावपूर्ण परिस्थिति में परीक्षार्थी अनुभव करते हैं कि उसकी हृदय की धड़कन बढ़ रही है या ह्रदय की धड़कन में परिवर्तन हो रहा है |
मनोविज्ञान में व्यवहार (Behavior) से तात्पर्य किसी व्यक्ति या पशु की उन सभी देखी जा सकने वाली , महसूस की जाने वाली एवं मापी जा सकने वाली क्रियाओं, प्रतिक्रियाओं और गतिविधियों से है, जो वह आंतरिक भावनाओं या बाह्य पर्यावरणीय उद्दीपनों के प्रभाव में करता है।इन व्यवहारों में सरल प्रतिवर्त क्रियाओं से लेकर जटिल सामाजिक अंतःक्रियाएँ तक सम्मिलित होती हैं, कम समय तक अथवा देर तक बनी रहने वाली सभी क्रियाएं सम्मिलित होती है। व्यवहार में प्रकट (Overt) प्रतिक्रियाएँ जैसे- शारीरिक क्रियाएँ एवं प्रतिक्रियाएं अर्थात् प्रकट व्यवहार जिन्हें बाह्य जगत में देखा जा सकता है| जैसे – चलाना , दौड़ना, नाचना, बोलना ,बाते करना इत्यादी तथा अप्रकट (Covert) प्रतिक्रियाएँ जैसे विचार, भावनाएँ एवं आन्तरिक शारीरिक क्रियाएं अर्थात् आंतरिक या अप्रकट व्यवहार जिन्हें देखा नहीं जा सकता केवल अनुभव या महसूस किया जा सकता है। जैसे – शतरंज का खेल खेलते समय जब आप कठिन परिस्थिति में पड़ते हैं तो आपको अपने हाथ की मांसपेशियाँ फड़कने जैसी लगती हैं कि एक खास चाल चल सकें।